Ratan Tata Quotes In Hindi Images :- रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था। इनका पूरा नाम रतन नवल टाटा है।  इसमें पिता का नाम नवल टाटा और माता का नाम सोनू टाटा है।  रतन टाटा एक भारतीय उद्योगपति, निवेशक, परोपकारी और टाटा सन्स के अवकाशप्राप्त अध्यक्ष है। रतन टाटा एक उच्च शिक्षित उद्योगपति है। उन्होंने USA की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से वास्तुकला की डिग्री प्राप्त कर रखी थी और USA की ही हार्वर्ड बिज़नस स्कूल से एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम का भी अभ्यास कर रखा था। 1981 में रतन टाटा को अपने उद्योगों का उत्तराधिकारी घोषित किया लेकिन उस समय ज्यादा अनुभवी न होने के कारण बहुत से लोगो ने उत्तराधिकारी बनने पर उनका विरोध किया। लोगो का ऐसा मानना था की वे ज्यादा अनुभवी नही है और ना ही वे इतने विशाल उद्योग जगत को सँभालने के काबिल है। लेकिन रतन टाटा ने टाटा ग्रुप में नयी उचाईयो को छुआ था।   आईये आज जानते है रतन टाटा के अनमोल विचार - 

Ratan Tata Quotes In Hindi Images 


Ratan Tata Quotes In Hindi Images
Ratan Tata Quotes In Hindi Images 


किसी भी काम को करने के लिए समय-सीमा तो होनी ही चाहिए। और हमेशा वही काम करना चाहिए, जिसमे हमे मजा आता हो या खुशी मिलती हो, और ऐसा करना से हमे काम, काम नहीं बल्कि एक पसंदीदा खेल जैसा प्रतीत होगा।

जिन जीवन मूल्यों और नीतियों को मैं जीवन में जीता रहा, इसके अतिरिक्त मैं जो संपदा अपने पीछे छोड़ना चाहता हूँ वह यह है कि आप हमेशा जिस चीज को सही माने उसके साथ डट कर खड़े रहे और जहाँ तक संभव हो निष्पक्ष बने रहे। 

आप तेजी से चलना चाहते हैं, तो अकेले चलें। लेकिन अगर आप लंबा चलना चाहते हैं, तो लोगों को साथ लेकर चलो।

अपनी समस्या को अपने ही ढंग से निपटाने की कोशिश करने से दिमाग तेजी से चलता है और समस्या बोझ नहीं लगती और तनाव भी पैदा नहीं होता है बल्कि आनंद आता है और वह कार्य नए इतिहास रचता है।

अगर कोई भी कार्य सामाजिक स्तर के अनुकूल हो, तो उस कार्य को जरुर करे और उसमे अपनी जी-जान लगा दे और अगर वही काम सामाजिक स्तरों से मेल न खाए, तो उसे नहीं करने में ही सबकी भलाई हैं।

हर व्यक्ति में कुछ-न-कुछ विशेष गुण और प्रतिभा होती है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर मौजूद गुणों और प्रतिभा का पहचानना चाहिए।

अपने आस-पड़ोस लोगों से अक्सर सुनते होंगे कि यह काम नहीं हो सकता। कॉलेज से निकलने के बाद अब यह आप लोगों का कर्तव्य कि ऐसे गलत विचारों को खत्म करें। बहुत से ऐसे काम है जो हमारे देश में होनी चाहिए थे, लेकिन वे नहीं हो पाए। इनके पीछे जिम्मेदार ऐसी मानसिकता के लोग ही है, जो कहते हैं कि इस काम को करना असंभव है।

मुझे आशा है, आज से सौ साल बाद टाटा उपक्रम बहुत बड़ा होगा और भारत में सबसे श्रेष्ठ उपक्रम होगा। श्रेष्ठ होगा, अपने काम करने के तरीकों के लिए, श्रेष्ठ होगा बेहतरीन वस्तुओं के उत्पादन के लिए और श्रेष्ठ होगा अपने नीति और व्यवहारकुशलता के लिए।

दुनिया में करोड़ो लोग मेहनत करते हैं फिर भी सबको अलग-अलग परिणाम मिलते हैं इस सब के लिए मेहनत करने का तरीका जिम्मेदार है इसलिए व्यक्ति को मेहनत करने के तरीके में सुधार करना चाहिए।

ऐसी कई चीजें हैं, जो अगर मुझे दोबारा जीने के मौका मिले तो शायद मैं अलग ढंग से करूँगा लेकिन मैं पीछे मुड़कर ये नहीं देखना चाहूँगा कि मैं क्या नहीं कर पाया।

मैं हमेशा लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कहता हूं। कहता हूं कि लोग प्रश्न पूछे जो अभी तक पूछे नहीं गए हैं, नए विचारों को आगे रखे, नये आईडिया पर विमर्श करे ताकि दुनिया को और बेहतरीन बनयाया जा सके।

कोई भी लोहे को नष्ट नहीं कर सकता है, लेकिन उसका अपना ही जंग उसे नष्ट कर सकता है! इसी तरह कोई भी किसी व्यक्ति को बर्बाद नहीं कर सकता है, लेकिन उसकी अपनी ही मानसिकता उसे बर्बाद कर सकती है। 

हमारी प्रगति-यात्रा जारी रखने लिए जीवन में उतार-चढ़ाव बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ई सी जी में भी सीधी लाइन का तो मतलब है, हम जिन्दा नहीं हैं।

मैं हमेशा लोगों से यही कहता हूँ कि हमेशा प्रश्न ऐसे पूछे जो कभी किसी ने ना पूछे हो, नए विचारो को आगे रखे, नए-नए आईडिया पर तर्क करे ताकि हमारी यह दुनिया और बेहतर बनाई जा सके।

मैंने भी अपनी कंपनी में इसे एक मुद्दा बना दिया है: हम छोटे कदम उठाना बंद करें और ग्लोबल सोच को विकसित करें। यह वास्तव में मददगार प्रतीत हो रही है।

हम सभी के पास समान प्रतिभा नहीं है। फिर भी हम सभी के पास अपनी प्रतिभा को विकसित करने के लिए एक समान अवसर हैं।

हो सकता है कि मेरे निर्णयों से कई लोग दुखी हो लेकिन मैं उस व्यक्ति के रूप में पहचाना-जाना चाहता हूँ जिसने कभी किसी भी परिस्थिति में सही काम को सही ढंग से करने के लिए समझौता नहीं किया।

व्यापार में अपनी कंपनियों के हित से परे जाकर उन समुदायों का ध्यान रखने जरूरत है, जिनको वे सेवा देते हैं।

मैं उन लोगों की तारीफ करता हूँ जो बहुत सफल रहे हैं। लेकिन अगर वो सफलता बहुत ज्यादा बेरहमी के माध्यम से हासिल की गयी है, तो मैं उस व्यक्ति की प्रशंसा तो सकता हूँ, पर मैं उसका सम्मान नहीं करूँगा।

जो व्यक्ति दूसरों की नकल करता है, कुछ समय के लिए तो सफल हो सकता है, परन्तु जीवन में बहुत आगे नहीं बढ़ सकता।

जीवन में केवल अच्छी शैक्षिक योग्यता या अच्छा कैरियर ही काफी नहीं है। आपका लक्ष्य होना चाहिए कि एक संतुलित और सफल जिंदगी जिया जाये। संतुलित जीवन का मतलब है आपका स्वास्थ्य लोगों से अच्छे सम्बन्ध और मन की शान्ति, सब कुछ अच्छा होना चाहिए।

मैं उन लोगों की तारीफ कहता हूँ जो बहुत सफल रहे हैं लेकिन अगर वो सफलता बहुत ज्यादा बेरहमी के माध्यम से हासिल की गयी है, तो मैं उस व्यक्ति की प्रशंसा तो सकता हूँ, पर मैं उसका सम्मान नहीं।

मैं लगातार लोगों से लोगों को प्रोत्साहित करने, जिसपर सवाल न उठा हो उसपर सवाल उठाने, नए विचार सामने लाने में शर्मिंदा ना होने, और चीजों को करने के लिए नई प्रक्रियाओं को बताने के लिए कहता रहा हूँ।

केवल पैसा और शौहरत कमाना ही काफी नहीं है, सोचिये जब आपका किसी से ब्रेक अप होता हैं तो उस दिन कंपनी में प्रमोशन कोई मायने नहीं रखता। जब आपकी पीठ में दर्द हो तो कार ड्राइव करने में कोई आनंद नहीं आता। जब आपके दिमाग में टेंशन हो तो शॉपिंग करने में भी कोई मजा नहीं आता, ये जीवन आपका है इसे इतना भी गंभीर मत बनाइये, हम सब इस दुनिया में कुछ पलों के मेहमान हैं तो जीवन का आंनद लीजिये।

 मैं निश्चित रूप से राजनीति में नहीं शामिल होऊंगा। मैं एक साफ-सुथरे बिजनेस मैन के तौर पे याद किया जाना पसंद करूँगा, जिसने सतह के नीचे की गतिविधियों में हिस्सा ना लिया हो, और जो काफी सफल रहा हो।

सब कुछ ठीक है, कभी कभी काम से छुट्टी लेना, क्लास बंक करना, किसी एग्जाम में कम मार्क्स लाना या छोटे भाई बहनों से कभी झगड़ना, सब ठीक है चलता है। जब हम जिंदगी के आखिरी पड़ाव पे होंगे तो यही छोटी छोटी बातें हमें हँसाएंगी और कंपनी के प्रमोशन, 24 घंटे लगातार काम ये सब उस दिन कोई मायने नहीं रखेंगे।